ईरान-इजरायल युद्ध का भारतीय कारोबार पर असर, कंटेनर किराया और बीमा हुए महंगे

Last Updated:March 11, 2026, 19:56 IST

Iran-Israel War Kanpur Business effect: ईरान-इजरायल के बीच चले रहे तनाव का असर भारतीय कारोबार पर भी पड़ रहा है. कंटेनर का किराया तीन गुना तक बढ़ गया है और इसके साथ-साथ निर्यात होने वाले सामान का बीमा भी काफी महंगा हो गया है. इससे शहर के निर्यातक और कारोबारी काफी परेशान हैं.

कानपुर: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के हालात का असर अब कानपुर के कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है. समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ने की वजह से विदेशों में माल भेजना महंगा हो गया है. कंटेनर का किराया तीन गुना तक बढ़ गया है और इसके साथ-साथ निर्यात होने वाले सामान का बीमा भी काफी महंगा हो गया है. इससे शहर के निर्यातक और कारोबारी काफी परेशान हैं.

कारोबारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले दिनों में इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा, क्योंकि माल ढुलाई और कच्चे माल की कीमत बढ़ने से बाजार में कई चीजें महंगी हो सकती है.

तीन गुना बढ़ा कंटेनर का किराया
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण लाल सागर और आसपास के समुद्री रास्तों को जोखिम भरा माना जा रहा है. इसी वजह से कई शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों के रास्ते बदल दिए हैं. अब जहाज लंबा रास्ता लेकर जा रहे हैं, जिससे समय भी ज्यादा लग रहा है और खर्च भी बढ़ गया है. कानपुर के निर्यातकों के मुताबिक, पहले यूरोप और कनाडा भेजे जाने वाले माल के लिए कंटेनर का किराया करीब 1300 से 1400 डॉलर तक होता था, लेकिन अब वही किराया बढ़कर 4000 डॉलर से भी ज्यादा हो गया है. इससे निर्यात करने की लागत अचानक काफी बढ़ गई है.

निर्यात के माल का बीमा भी हुआ महंगा
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि समुद्र में बढ़ते खतरे की वजह से बीमा कंपनियों ने भी अपनी दरें बढ़ा दी हैं. अब निर्यात होने वाले सामान का मरीन बीमा कराना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है. पहले करीब 30 लाख रुपये के माल का बीमा कराने में लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब उसी माल का बीमा कराने के लिए 40 हजार रुपये या उससे ज्यादा देना पड़ रहा है. यानी बीमा की लागत लगभग दोगुनी हो गई है. इससे निर्यातकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

कच्चा माल भी महंगा होने लगा
जंग का असर धीरे-धीरे स्थानीय बाजारों पर भी दिखने लगा है. उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक दाने की कीमत में करीब 8 हजार रुपये प्रति टन तक की बढ़ोतरी हो गई है. प्लास्टिक का इस्तेमाल पैकिंग से लेकर कई उत्पाद बनाने में होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने से कई चीजें महंगी हो सकती हैं. इसके अलावा खाड़ी देशों से आने वाले ड्राई फ्रूट्स भी महंगे हो गए हैं. ईरानी खजूर के दाम करीब 80 रुपये से बढ़कर 100 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं. वहीं कीवी भी करीब 210 रुपये किलो बिक रही है.

कारोबारियों की बढ़ी चिंता
कानपुर के उद्योगपति और व्यापारी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में जल्द हालात सामान्य नहीं हुए, तो निर्यात कारोबार को बड़ा नुकसान हो सकता है. कारोबारियों के मुताबिक, माल ढुलाई, बीमा और कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर आने वाले दिनों में पूरे बाजार पर दिखाई देगा. इससे आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल जंग की आंच अब कानपुर के कारोबार तक पहुंचती साफ दिखाई दे रही है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

Location :

Kanpur Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

March 11, 2026, 19:56 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

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