Last Updated:January 02, 2026, 18:52 IST
Azamgarh News: नए साल का जश्न आजमगढ़ में धूमधाम से देखने को मिला. कैलेंडर बदलते ही जिले में जाम से जाम टकराने का सिलसिला भी बढ़ गया और शहर में शराब की बिक्री का आंकड़ा आसमान की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस बार विदेशी की जगह देसी शराब की बिक्री अधिक हुई.
आजमगढ़: जिले में नए साल के मौके पर एक तरफ जहां जश्न का माहौल था, जगह-जगह पर लोग दावत और पार्टी अलग-अलग अंदाज में मनाते हुए दिखे, तो वहीं इस नए साल का जश्न शराब पीने वालों के लिए भी बेहद अलग और खास रहा. कैलेंडर बदलते ही जिले में जाम से जाम टकराने का सिलसिला भी बढ़ गया और शहर में शराब की बिक्री का आंकड़ा आसमान की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया. आजमगढ़ वासियों ने नए साल के मौके पर शराब की खरीद के पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए.
बताते चलें कि 31 दिसंबर की शाम से लेकर साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी तक शराब की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ दिखाई दी. आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर के दिन जिले में तकरीबन 4.5 करोड रुपए की शराब की बिक्री हुई. शहर से लेकर गांव तक शराब को पसंद करने वाले लोगों की लंबी-लंबी लाइन मॉडल शॉप और शराब ठेकों के बाहर देखने को मिली. यह नजारा शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की दुकानों में भी देखने को मिला. हालांकि नए साल के दिन यानी 1 जनवरी को शराब की बिक्री का आंकड़ा थोड़ा कम नजर आया. इस दिन तकरीबन 3.25 करोड़ रुपए के शराब की बिक्री हुई.
देसी शराब का जलवा, विदेशी शराब पड़ी फीकी
इस बार के नए साल के जश्न में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा रहा. विदेशी शराब की तुलना में लोगों ने देसी शराब ज्यादा पसंद की. आमतौर पर जश्न या बड़े आयोजनों में विदेशी शराब की मांग ज्यादा होती है, लेकिन इस वर्ष नए साल के जश्न में शराब पीने वाले लोगों ने देसी शराब का इस्तेमाल ज्यादा किया.
आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर को हुई शराब की बिक्री में लगभग 2.5 करोड़ रुपये की देसी शराब की बिक्री हुई, जबकि अंग्रेजी शराब के लिए यह आंकड़ा तकरीबन 2 करोड़ रुपए का रहा. सबसे खास बात यह है कि ठंड के मौसम में आमतौर पर बीयर की मांग कम हो जाती है, लेकिन नए साल के जोश में युवाओं में चिल्ड बियर का क्रेज भी खूब देखने को मिला. इस दौरान तकरीबन एक दिन में 50 लाख रुपए से अधिक की बीयर की भी बिक्री देखने को मिली.
राजस्व को फायदा
वहीं नए साल के जश्न को देखते हुए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों में भी ठेकेदारों के द्वारा स्टॉक की भरपूर मात्रा एकत्रित की गई थी, जिससे ग्राहकों को स्टॉक की कमी की वजह से वापस न होना पड़े. हालांकि शहरी क्षेत्र में विदेशी शराब और बीयर की खपत अधिक देखने को मिली, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब की खपत सबसे ज्यादा देखी गई. नए साल के जश्न को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतेजामत किए गए थे.वही शराब की इस बिक्री से सरकार के राजस्व को भी मोटा फायदा प्राप्त हुआ.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Location :
Azamgarh,Uttar Pradesh
First Published :
January 02, 2026, 18:52 IST
इस बार विदेशी नहीं, देसी का चस्का, आजमगढ़ में नए साल पर बिकी करोड़ों की शराब











