Last Updated:January 01, 2026, 13:54 IST
Meerut News: कोहरे के कारण बढ़ रही दुर्घटनाओं को देखते हुए मेरठ प्रशासन ने नया आदेश जारी किया है. इसके अनुसार, अब जो भी शख्स दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाएगा, उसे इनाम राशि के रूप में धनराशि दी जाएगी. आइए जानते हैं कि प्रशासन का नया आदेश क्या है.
मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित अन्य जनपदों की अगर बात की जाए तो लगातार कोहरा बढ़ता जा रहा है, जिससे सबसे ज्यादा वाहन चालकों के सामने दिक्कत हो रही है, क्योंकि कोहरे के बीच दुर्घटनाएं भी बढ़ जाती है. ऐसे लोग संबंधित दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने के बजाय वहां से निकलना ही उचित समझते हैं, क्योंकि उनके मन में डर रहता है कि अगर वह मदद करते हैं तो उन्हें भी कानूनी दाव-पेंच में उलझना पड़ सकता है. जबकि उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है. अगर वह मदद करते हुए जान बचाते हैं तो उन्हें इनाम राशि से भी सम्मानित किया जाएगा. इन्हीं बातों को देखते हुए लोकल 18 की टीम द्वारा मेरठ एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र से खास बातचीत की गई.
डरने की जगह करें लोगों की मदद
लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए मेरठ एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि घने कोहरे के बीच दुर्घटना की संभावना काफी बढ़ जाती है. ऐसे में सभी लोग नियमों का ध्यान रखते हुए ही गाड़ी चलाएं. उन्होंने कहा कि अगर इसके बावजूद भी कहीं कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित जो भी व्यक्ति वहां से जा रहे हैं, बिना डरे तुरंत दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना चाहिए, क्योंकि उनकी मदद से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने बताया कि जान बचाने वाले व्यक्ति से किसी भी तरह की कोई पूछताछ नहीं होगी, बल्कि उन्हें विशेष इनाम राशि से भी सम्मानित किया जाएगा.
इनाम राशि से भी किया जाएगा सम्मानित
उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट में लोगों की जान ज्यादा से ज्यादा बचाई जा सके, इसके लिए भारत सरकार द्वारा राहवीर योजना संचालित की जा रही है, जिसमें अगर कोई भी व्यक्ति एक्सीडेंट से संबंधित व्यक्ति की जान बचाते हुए गोल्डन घंटे अर्थात 1 घंटे के अंदर ही उससे नजदीक के हॉस्पिटल में ले जाकर उसकी मदद करता है तो उसको भारत सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत 25000 के इनाम राशि के साथ विशेष सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके लिए विशेष तौर पर विभिन्न अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जिसमें स्कूल कॉलेज के साथ-साथ अन्य स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके.
पहले मिलते थे 5000
बताते चलें कि पहले गुड सेमिरेटन अवार्ड के तहत लोगों की जान बचाने वाले व्यक्तियों को नेक काम के अंतर्गत 5000 रुपए की इनाम राशि से सम्मानित किया जाता था, लेकिन अब सरकार की नई योजना के अंतर्गत 25000 रुपए दिए जा रहे हैं. सरकार की मंशा यही है कि लोग रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक हो और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Location :
Meerut,Uttar Pradesh
First Published :
January 01, 2026, 13:54 IST










