Last Updated:January 01, 2026, 16:52 IST
Caugh Syrup Case: कफ सिरप मामले के पूरे गैंग का अब धीरे-धीरे खुलासा हो रहा है. शुभम जायसवाल से शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई अब कई गिरफ्तारियों में बदल गई है. अब खुलासा हुआ है कि कैसे ये गैंग अन्य लोगों को अपने ग्रुप में शामिल करते थे.
वाराणसी: कफ सिरप कांड में योगी सरकार का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. इस मामले में एसटीएफ, पुलिस और FSDA लगातार कार्रवाई कर रहा है. इन सबके बीच ये पूरा नेटवर्क कैसे तैयार हुआ, इसके राज भी खुल गए हैं. आधार और पैन कार्ड के बदले 40 से 50 हजार रुपये महीना देने का वादा कर शुभम जायसवाल और उसके गुर्गे लोगों को इस काले कारोबार के करीब लाते थे. इसके पीछे कई सफेदपोश भी शामिल हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ सफेदपोश लोग अपने करीबियों को यह कहकर इस नेटवर्क में जोड़ते थे, ‘आधार पैन दे दा और 40 हजार महीना का जुगाड़ बन जाई. घर-परिवार चली, दाना-पानी का दिक्कत खत्म. खाली मन से काम करा’. इसी लालच में कई युवा कफ सिरप कांड के काले कारोबार में फंस गए.
आधार-पैन से पूरा खेल
शुभम जायसवाल के लोग जिन लोगों से आधार और पैन कार्ड लेते थे, उनके इन डॉक्यूमेंट के जरिए पहले एक फर्म का रजिस्ट्रेशन होता था. फिर जीएसटी नम्बर लिया जाता था. उसके बाद फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट के आधार पर ड्रग विभाग से उनके नाम थोक दवाओं के खरीद बिक्री का लाइसेंस लिया जाता है. इसके बाद उन फर्मों पर फर्जी बिलिंग कफ सिरप की होती थी. कई फर्मों को सिर्फ हवाला का पैसा कन्वर्ट करने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता था. शुभम के करीबी ही इन सभी फर्मों को चलाते थे. आधार-पैन देने वालों को बस कागज पर सिग्नेचर करना होता था. वाराणसी पुलिस और FSDA को ऐसे 55 से ज्यादा फर्म मिले हैं, जो सिर्फ कागजों पर ही एग्जिस्ट होती थी.
फर्जी फर्मों के लिंक भी शुभम से जुड़ा
इन सभी फर्मों के ट्रांजेक्शन के लिंक शुभम जायसवाल के न्यू वृद्धि फार्मा और शैली ट्रेडर्स से मिले हैं. इन दोनों फर्मों को ही फायदा पहुंचाने के लिए इन फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराया गया था. एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और औषधिय प्रशासन की टीम को भी ये जानकारी दी गई है कि आगे किसी भी फर्म को लाइसेंस जारी करने से पहले उसका भौतिक सत्यापन हो और अन्य दस्तावेजों की जांच भी गहनता से की जाए.
प्रतीक गुजराती सहित कई रडार पर
वाराणसी पुलिस के निशाने पर शुभम, दिवेश, अमित के साथ प्रतीक गुजराती भी रडार पर हैं. इसके साथ ही कई और लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. वाराणसी पुलिस जल्द ही इस मामले में और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है. बताते चलें कि कफ सिरप कांड में वाराणसी के तीन थानों में 49 से ज्यादा लोग नामजद हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Location :
Varanasi,Uttar Pradesh
First Published :
January 01, 2026, 16:52 IST










