Kumar Vishwas on Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटा दिया है। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में आपसी मतभेद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच कुमार विश्वास चर्चा में हैं। उनका एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने इशारों-इशारों में राघव चड्ढा पर कार्रवाई होने की बात कही थी।
जी हां, कुमार विश्वास ने करीब एक से डेढ़ साल पहले बताया था कि अब अगला शिकार कौन है। उन्होंने यह तक कह दिया था कि अगला शिकार वो बालक है जिसे खुद ने ही पैदा किया है।
‘अगला बालक वो, जिसने हीरोइन से शादी की’
कुमार विश्वास ने कहा था, ‘जैसे ही कोई बोलता है, उन्हें खटकने लगता है कि ये आदमी खराब है इसे हटाओ। हमारी वाली भी यही समस्या थी। अब अगला शिकार कौन है? अगला शिकार वह बालक है जिसे खुद ने ही पैदा किया है जिसकी कुछ औकात भी नहीं है। लेकिन वह थोड़ा लोकप्रिय हो गया है। हीरोइन (परिणीति चोपड़ा) से ब्याह कर लिया है। रील दिखने लगी है, यह नहीं दिखना चाहिए।’
इसे पक्का नहीं छोड़ेंगे- कुमार विश्वास
उन्होंने आगे कहा था, ‘जब यह सब हो रहा था, मैंने तभी कह दिया था, ये गया। इसे नहीं छोड़ेंगे ‘आप’ निश्चित रूप से। क्योंकि ‘आप’ इतने ज्यादा डरे हुए हैं कि आपको किसी की भी ‘आभा’ बर्दाश्त ही नहीं है।’
कुमार विश्वास रह चुके हैं AAP का बड़ा चेहरा
बता दें कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के गठन से ही पार्टी का बड़ा चेहरा थे। वह अपने बेबाक अंदाज के लिए छाए रहते थे और पार्टी का पक्ष रखते थे। मगर पांच साल बाद ही वह पार्टी की कुछ नीतियों के खिलाफ हो गए। इन्हीं कारणों के चलते उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीति से दूरी बना ली।
पद से हटाने जाने पर राघव चड्ढा क्या बोले?
राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। जनता के हित में मुद्दे उठाने से देश के आम आदमी को तो फायदा हुआ, लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? उन्होंने यह भी कहा कि मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।
AAP ने राघव चड्ढा पर उठाए सवाल
इसके जवाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ चुप्पी पर सवाल उठाए। नेताओं ने राघव चड्ढा से पूछा कि वह भाजपा और मोदी से इतना डरते क्यों हैं और क्यों अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी आवाज नहीं उठाते।










